Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

Responsive Advertisement

भारत सरकार द्वारा राजपत्र (The Gazette of India) में अधिसूचना जारी कर पंडित रघुनाथ मुर्मू द्वारा निर्मित ‘ओल चिकी लिपि’ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ₹100 का स्मारक सिक्का जारी करने का निर्णय लिया गया है।

भारत सरकार द्वारा राजपत्र (The Gazette of India) में अधिसूचना जारी कर
पंडित रघुनाथ मुर्मू द्वारा निर्मित ‘ओल चिकी लिपि’ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में
₹100 का स्मारक सिक्का जारी करने का निर्णय लिया गया है। संताली भाषा की लिपि ओलचिकी के सौ वर्ष पूर्ण होने और इसके आविष्कारक पंडित रघुनाथ मुर्मू के सम्मान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को नई दिल्ली में डाक टिकट एवं 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। दोनों पर रघुनाथ मुर्मू का चित्र और ओलचिकी लिपि के अक्षर अंकित है


यह पूरे आदिवासी समाज, विशेषकर संथाल समुदाय के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है।
ओल चिकी लिपि हमारी पहचान, भाषा और संस्कृति की धरोहर है।
हम सभी के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि है —
संस्कृति के संरक्षण और सम्मान की दिशा में एक मजबूत कदम।
पंडित रघुनाथ मुर्मू जी को शत-शत नमन।
पंडित रघुनाथ मुर्मू ने वर्ष 1925 में ओलचिकी का आविष्कार किया था। यह संताली भाषा की आधिकारिक लेखन प्रणाली है। संताली भारत की मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय भाषाओं में शामिल एक प्रमुख जनजातीय (आग्नेय) भाषा है। मुख्य रूप से झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार में व्यापक रूप से बोली जाती है।
इसके अतिरिक्त नेपाल और बांग्लादेश आदि देशों में भी बोली जाती है। बुधवार को दिसोम मरांग बुरु युग जाहेरे आखड़ा ने सदर प्रखंड के लेटो गांव के मांझी थान में विशेष पूजा-अर्चना की। 

ग्रामीणों ने बैठक कर पारंपरिक वाद्य यंत्र तुनंदा एवं टमाक के साथ रैली निकाली। ओलचिकी जिंदाबाद व पंडित रघुनाथ मुर्मू अमर रहें के नारे लगाए गए।महिला, पुरुष एवं बच्चों ने मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य-गान प्रस्तुत कर खुशी व्यक्त कर आतिशबाजी भी की।  

ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे भारतवर्ष में इसे एक जश्न के तरह मनाना चाहिए। 

मौके पर सुनील टुडू, दुर्गा मरांडी, काहा मरांडी, सूरज टुडू, झोमेल मरांडी, सोम किस्कु, जिहोन टुडू, किशोर सोरेन, मिस्त्री मरांडी, बाबुधन मरांडी, लुखुराम टुडू, अनिल टुडू, बाहनील मरांडी, मनिका टुडू, सुजाता सोरेन, मिनुसिला टुडू, मलोती हांसदा, मुन्नी हांसदा, मेरिनीला मुर्मू, मकलु किस्कु, प्रेमलता मुर्मू, सिलवंती मुर्मू व मुन्नी मुर्मू आदि मौजूद थी।

Post a Comment

0 Comments