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खुकड़ाडीह में मना बाहा बोंगा, प्रकृति की पूजा कर मांगी सुख समृद्धि व खुशहाली !

सरना टुडे, न्यूज ब्यूरो : सून्दरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हितकू पंचायत के खुकड़ाडीह गांव के समीप स्थित जाहेर स्थान में रविवार को संथाल समुदाय के लोगों ने बाहा बोंगा उत्सव का आयोजन किया। पूजोत्सव में गांव के प्रत्येक परिवारों के पुरुष व महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर जाहेरथान में मत्था टेक परिवार की खुशहाली की कामना की। खुकड़ाडीह मांझी बाबा छोटराय हांसदा की दिशा-निर्देश में नायके बाबा रमेश बास्के व सुनील बास्के ने विधिवत पूजा की। खुकड़ाडीह गांवता में जोग मांझी बाबूलाल मुर्मू एंव मोतीलाल सोरेन कार्यभार संभाल रहे थे। सर्वप्रथम पुरुष व महिलाओं ने नायके बाबा को नायके दारीम नृत्य करते हूए जाहेरथान तक पहुंचाए व इसके ग्राम देवताओ को विधिवत पूजन किया गया.इसके बाद प्रसाद के रूप में सभी के बीच खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। देर शाम महिलाओं द्वारा बाहा नृत्य की प्रस्तुति की गई। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में थिरकती नजर आईं, जबकि पुरुष धमसा व मांदर टांगकर थिरके। मांदर एंव धमसा बजाने में दुर्गा सोरेन, रामदास मुर्मू, कोलो हांसदा, किशुन मुर्मू, पलटन सोरेन, केटो हांसदा आदि आगुवाई कर रहे थे, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन ने एक अलग ही सीमा बांध दिया.

देर रात तक महिलाओं ने नृत्य करते हुए पुजारी को अपने घर तक पहुंचाया। इस दौरान रास्गांते आवागमन में जाम की स्वस्थि पैदा हो गई । खुकड़ाडीह ग्राम के स्थायी निवासी राजाराम मुर्मू ने बताया कि पतझड़ के बाद पेड़ों पर आए नए पत्ते, फूलों और फलों के स्वागत में आदिवासी समाज हर साल यह पर्व मनाते हैं। इस दौरान पुरुषों ने कान में साल फूल लगाए वहीं महिलाओं ने अपने माथे पर फूल लगाकर प्रकृति के प्रति प्रेम प्रदर्शित किया। बाहा बोंगा को सफल बनाने में राजाराम मुर्मू, विक्रम मुर्मू, राजेश मुर्मु, समाय हेम्ब्रम, रविलाल बास्के, संजु सोरेन, राहुल सोरेन, रोहित सोरेन, सूनील हेम्ब्रम, गणेश मुर्मू, हिरालाल सोरेन, अनिल मुर्मू, लेपा हेंब्रम, दुर्गा प्रसाद मुर्मू, केटो हांसदा, मनीष मुर्मू, धार्मु मुर्मू, राजीव मुर्मू, समीर सोरेन, बबलू हांसदा, अमित मुर्मू, कालीचरण मुर्मू, गालुराम मुर्मू, दिलीप मुर्मू, खोगेन सोरेन, बाजाल हांचंद्राय सोरेन, सूराई हांसदा, अरूण बास्के, सोनाराम मुर्मू आदि ने महत्वपूर्ण योगदान रहा। खुकड़ाडीह गांव में हूए बाहा बोंगा से संबंधित विशेष कवरेज आप सभी सरना टुडे के सोशल मीडिया चैनल व पेज पर वीडियो, पोस्ट, रील देख सकते हैं. 
यूट्यूब चैनल लिंक :- सरना टुडे (डिजिटल मीडिया) , इंस्टाग्राम पेज :- सरना टुडे (डिजिटल मीडिया)



बाहा पर्व संथाल समुदाय का सोहराय के बाद दूसरा महापर्व है, यह प्रकृति से जुड़ा हुआ है। बाहा पर्व के दूसरा दिन बाहा दा दुकूल एंव सेंदरा का परंपरा का निर्वाहन किया जाता हैं। दूसरे दिन पुरुष व महिलांए एक-दूसरे को पानी छिड़काव कर प्रकृति से संबंध होने का परिचय देते है और आपसी रिश्ते को भी सींचने का काम करते हैं। सोमाय हेम्ब्रम को बाहा बोंगा महोत्सव में विशेष योगदान के लिए गमछा देकर सम्मानित किया गया.

बाहा पर्व की कूछ विशेष झलकियां :-







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सागुन बाहा बोंगा

ᱟ.ᱛᱩ ᱺ- ᱠᱷᱩᱠᱲᱟ.ᱰᱤᱦ (ᱥᱩᱱᱫᱚᱨᱱᱚᱜᱚᱨ, ᱡᱟᱢᱥᱮᱫᱽᱯᱩᱨ), ᱥᱟᱢᱟᱝ ᱥᱤᱝᱵᱷᱩᱢ, ᱡᱷᱟᱨᱠᱷᱚᱸᱰ - ᱘᱓᱒᱑᱑᱑ )

ᱢᱟ.ᱦᱤᱛ ᱺ ᱯᱟ.ᱜᱩᱱ ᱵᱚᱸᱜᱟ ᱡᱩᱞᱩᱜ ᱢᱚᱬᱮ ᱢᱟᱦᱟ (ᱥᱤᱸᱜᱤ ᱢᱟᱦᱟ)

ᱢᱟᱺᱡᱷᱤ ᱵᱟᱵᱟ - ᱪᱷᱚᱴᱨᱟᱭ ᱦᱟᱸᱥᱫᱟ | ᱱᱟᱭᱠᱮ ᱵᱟᱵᱟ - ᱨᱚᱢᱮᱥ ᱵᱟᱥᱠᱮ • ᱥᱩᱱᱤᱞ ᱵᱟᱥᱠᱮ | ᱡᱚᱜᱽ ᱢᱟᱺᱡᱷᱤ - ᱵᱟᱵᱩᱞᱟᱞ ᱢᱩᱨᱢᱩ • ᱢᱚᱛᱤᱞᱟᱞ ᱥᱚᱨᱮᱱ

ᱢᱟ.ᱫᱟᱲᱤᱭᱟ. ᱺ- ᱫᱩᱨᱜᱟ ᱥᱚᱨᱮᱱ , ᱨᱟᱢᱫᱟᱥ ᱢᱩᱨᱢᱩ, ᱠᱮᱴᱚ ᱦᱟᱥᱸᱫᱟ, ᱯᱟᱞᱴᱚᱱ ᱥᱚᱨᱮᱱ, ᱠᱚᱞᱚ  ᱦᱟᱥᱸᱫᱟ, ᱠᱤᱥᱩᱱ ᱢᱩᱨᱢᱩ ᱮᱢᱟᱱ ᱠᱚ|

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