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जनगणना 2027 : 1 अप्रैल 2026 से भारत की 16वीं पहली डिजिटल जनगणना शुरू, लोगों से पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लिया, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरना कोड की मांग का दबाव बढ़ सकता हैं!

जनगणना 2027 : 1 अप्रैल 2026 से भारत की 16वीं पहली डिजिटल जनगणना शुरू, लोगों से पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लिया!

आज यानी 1 अप्रैल 2026 से जनगणना 2027 की शुरुआत हो चुकी है। इस बार लोगों से उनकी जाति भी पूछी जाएगी। आखिरी बार जाति आधारित व्यापक जनगणना 1881 और 1931 के बीच की गई थी। आजादी के बाद से सभी जनगणनाओं से जाति को बाहर रखा गया। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति ने पिछले साल 30 अप्रैल को आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लिया था। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरना कोड की मांग का दबाव बढ़ सकता हैं।

भारत में जनगणना 2027 का पहला चरण आज से शुरू हो गया है. यह देश की पहली डिजिटल जनगणना है, जिसमें मोबाइल ऐप और सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल का उपयोग किया जाएगा. पहले चरण में घरों और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी. यह प्रक्रिया राज्यों में अलग-अलग समय पर चलेगी. दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा.

भारत में आज से एक बहुत बड़ा काम शुरू हो रहा है, जो हम सबके भविष्य से जुड़ा है. आज यानी 1 अप्रैल 2026 से 'जनगणना 2027' के पहले चरण की शुरुआत हो गई है. यह भारत की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना है, लेकिन इस बार का अंदाज बिल्कुल अलग है. इस बार इसे डिजिटल तरीके से किया जा रहा है, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए डेटा जुटाया जाएगा. यानी अब कागजों का दौर पीछे छूट चुका है और मोबाइल ऐप ने उसकी जगह ले ली है. इसे दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना कहा जा रहा है.

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