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असम में बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच झड़प के बाद आरएएफ तैनात, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत कोकराझार जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

असम के कोकराझार जिले में जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में बोडो और संथाल/आदिवासी समुदायों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। घटना एक सड़क दुर्घटना के बाद भड़की, जिसमें एक वाहन ने आदिवासी लोगों को टक्कर मार दी, जिससे नाराज होकर भीड़ ने वाहन पर हमला किया और बाद में आगजनी की। 

असम में हालिया हिंसा के मुख्य विवरण (जनवरी 2026):

घटना की शुरुआत: घटना की शुरुआत तब हुई जब करीगांव चौकी क्षेत्र में मानसिंह रोड पर बोडो समुदाय के लोगों को ले जा रही एक गाड़ी ने दो संथाल/आदिवासी व्यक्तियों को टक्कर मार दी।

हिंसा का रूप: दुर्घटना के बाद आदिवासियों ने वाहन पर हमला किया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। इसके प्रतिशोध में अन्य समुदाय ने आदिवासियों पर हमला किया, जिससे एक अन्य व्यक्ति ने भी दम तोड़ दिया।

आगजनी और तनाव: हिंसा के बाद कोकराझार में तनावपूर्ण शांति है, जहाँ ग्रामीणों ने घर छोड़ दिए हैं। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे को अवरुद्ध किया, टायर जलाए और पुलिस चौकी पर भी हमला किया।

प्रशासनिक कार्रवाई: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना ने फ्लैग मार्च किया, और पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।


असम में बोडो और आदिवासी समुदायों (जैसे संथाल) के बीच संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है, जिसमें अक्सर भूमि अधिकारों और पहचान के मुद्दों को लेकर तनाव पैदा होता है। 

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