अमर शहीद बाबा तिलका मुर्मू (माझी-पारगाना) : शहादत दिवस पर शत-शत नमन 🇮🇳🏹
आज 13 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास में एक महान आदिवासी योद्धा, जल-जंगल-ज़मीन के रक्षक और स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम महानायक/अग्रदूत बाबा तिलका मांझी के शहादत दिवस के रूप में जाना जाता है।
1857 की क्रांति से लगभग 70 वर्ष पहले, जब देश के अधिकांश हिस्सों में अंग्रेजी सत्ता को चुनौती देने का साहस कोई नहीं कर पा रहा था, समाज से आए बाबा तिलका मुर्मू (माझी) ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ ‘हूल’ (विद्रोह) का बिगुल फूंका।
13 जनवरी 1784 को उन्होंने अपनी अद्भुत तीरंदाजी से अत्याचारी ब्रिटिश कलेक्टर ऑगस्टस क्लीवलैंड को मार गिराया, जिससे अंग्रेजी सत्ता हिल गई, एक वर्ष बाद, 13 जनवरी 1785 को अंग्रेजों ने उन्हें भागलपुर में एक बरगद के पेड़ से फांसी दे दी, यही कारण है कि आज का दिन उनका शहादत दिवस है।
बाबा तिलका मांझी का नारा — “धरती हमारी है” — आज भी आदिवासी अस्मिता, अधिकार और संघर्ष की प्रेरणा है।
उनका बलिदान हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और अपनी पहचान की रक्षा करने का साहस देता है।
अमर रहेंगे बाबा तिलका मांझी!
शत-शत नमन! 💐🏹
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